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लेखनी कहानी -13-Apr-2025

शीर्षक - चार दिन...
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सच तो यही है।
जिंदगी चार दिन है।
एक दिन जन्म होता हैं।
दूसरे दिन जवां होते हैं।
तीसरे दिन रिश्ते नाते हैं।
बस चौथे दिन नमस्ते कहते हैं।
हर दिन १० से २० वर्ष का होता हैं।
हां, चार दिन ही होते हैं।
सच न १०० वर्ष  हैं।
यही होते हैं 
चार...
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नीरज कुमार अग्रवाल चंदौसी उ.प्र

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1 Comments

Neeraj Agarwal

13-Apr-2025 02:26 PM

मेरी सभी रचनाएं स्वरचित हैं। समाज‌ को प्रेरणा के साथ है

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